सेना के अपमान का आरोप झेल रहीं ऋचा चड्ढा पर अक्षय कुमार भी नाराज, कहा- यह देखकर दुख पहुंचा है

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ऋचा चड्ढा इस वक्त सोशल मीडिया पर अपने उस ट्वीट की वजह से निशाने पर हैं जिसके बारे में कहा जा रहा है कि उन्होंने गलवान घाटी संघर्ष को लेकर भारतीय सेना का मजाक उड़ाया है। ऋचा चड्ढा के इस ट्वीट पर हंगमा बढ़ता जा रहा है और अब अक्षय कुमार ने उनके ट्वीट पर नाराजगी जाहिर की है।

अक्षय ने ऋचा के ट्वीट का दिया जवाब
अक्षय कुमार ने ऋचा के उस ट्वीट पर नाराजगी दिखाई है और लिखा है, ‘यह देखकर दुख हुआ। हमें कोई भी चीज हमारी भारतीय सेना के प्रति अकृतज्ञ (एहसान फरामोश) नहीं बना सकता। वो है तो आज हम हैं।’

कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल के ट्वीट पर ऋचा ने लिखी ये बात
बता दें कि उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने एक ट्वीट किया था, जिसपर ऋचा बीच में कूद पड़ीं। दरअसल उपेंद्र द्विवेदी ने ट्वीट कर कहा था, ‘हम अगर सरकार आदेश देती है तो हम PoK को वापस लेने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। हम सरकार की तरफ से आदेश का इंतजार कर रहे हैं। हम जल्द ही इस ऑपरेशन को पूरा करेंगे। इससे पहले कि पाकिस्तान सीजफायर का उल्लंघन करे, इधर से जवाब अलग होगा, जिसके बारे में वो इमैजिन भी नहीं कर सकते।’ उनके इसी ट्वीट पर ऋचा चड्ढा ने रिएक्ट करते हुए लिख दिया था कि गलवान हाय बोल रहे हैं। ऋचा का यह ट्वीट तुरंत वायरल हो गया और लोगों ने जमकर इस ट्वीट पर गुस्सा जाहिर किया।

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल में शिकायत
ट्विटर पर लोगों ने ऋचा को खूब घेरा और उनपर भारतीय सेना का अपमान करने का आरोप लगाया। धीरे-धीरे फिल्म स्टार्स भी ऋचा के इस ट्वीट के खिलाफ ट्विटर पर उतर रहे हैं। ऋचा को राष्ट्रविरोधी बताकर लोगों ने यह कहते हुए उनपर निशाना साधा है कि उन्होंने हमारे देश की सेना का अपमान किया है। इतनी ही नहीं इस मामले में उनके खिलाफ दिल्ली पुलिस की साइबर सेल में शिकायत तक दर्ज हो चुकी है।

ऋचा चड्ढा ने मांगी है माफी
हालांकि, बाद में ऋचा चड्ढा ने अपने इस ट्वीट के लिए माफी भी मांगी है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है, ‘मेरी मंशा कभी भी किसी को भी अपमानित करने की नहीं रही। मुझे मेरे कहे तीन शब्दों के कारण विवाद में घसीटा गया। जाने-अनजाने मेरे द्वारा कहे गए शब्दों से अगर मेरे फौजी भाइयों की भावनाएं आहत हुई हों या ठेस पहुंची हो तो मैं माफी मांगती हूं। साथ ही मैं यह भी कहना चाहती हूं कि फौज में मेरा नानाजी भी रहे। मेरे मामाजी पैराट्रूपर थे। देशभक्ति मेरे खून में है। देश को बचाने के दौरान जब एक बेटा शहीद हो जाता है तो परिवार बुरी तरह प्रभावित होता है। अगर कोई फौजी घायल होता है तो भी कैसा प्रभाव पड़ता है, यह मैं अच्छी तरह जानती हूं। मेरे लिए भी यह एक भावनात्मक मुद्दा है।’

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