स्ट्रेच मार्क्स से खूब डरती थीं Shweta Tiwari, कहा- पलक मुझे बार-बार स्विमसूट पहनने की जिद कर रही थी

0
45

श्वेता तिवारी (Shweta Tiwari) आज इंडस्ट्री में अपने लिए खास और एक पावरफुल जगह बना चुकी हैं। श्वेता तिवारी (Shweta Tiwari) ने अपनी लाइफ से जुड़े अहम फैसले अपने दम पर लिए हैं। श्वेता (Shweta Tiwari) जितनी प्रफेशनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में रही हैं उतना ही अधिक वह पर्सनल लाइफ को लेकर भी चर्चा में रही हैं। श्वेता (Shweta Tiwari) हर मुद्दे पर बेबाकी से बात करना जानती हैं, फिर चाहे उनकी पर्सनल लाइफ से जुड़ी बातें क्यों न हों। श्वेता ने हाल ही में हुई एक बातचीत में बताया कि कैसे उन्हें अपने स्ट्रेचमार्क्स से डर लगता था।

श्वेता तिवारी ने बॉलिवुड बबल से बातचीत में कई बातें कही हैं, जिनमें से स्ट्रेचमार्क को लेकर कुछ बातें कही हैं। श्वेता तिवारी ने अपनी पहली प्रेग्नेंसी को लेकर बातें कहीं। उन्होंने कहा, ‘जब मैं पहली बार प्रेग्नेंट थी और पलक पैदा होनेवाली थी, मुझे बड़ा डर लगा रहता था कि स्ट्रेचमार्क्स आ जाएंगे। मैं बार-बार अपनी मां को कहा करती थी कि मुझे स्ट्रेच मार्क्स आ जाएगा। तुम किसी को जन्म देने जा रही हो तो ये ठीक है। तब ये नहीं पता था कि स्ट्रेच मार्क्स और भी काफी चीजों से आ सकता है, तब यही पता था कि प्रेग्नेंसी ही एकमात्र स्ट्रेचमार्क्स की वजह है। मां कहती थीं- क्या हुआ स्ट्रेचमार्क्स आ जाएगा तो, यह ऐसे ही नहीं आ जाता कि रात को सोए और सुबह उठो तो स्ट्रेच मार्क्स आ गया।’


उन्होंने एक और किस्सा सुनाया और कहा, ‘एक बार मैं पलक के साथ गोवा वकेशन पर थी, तब बेटा नहीं हुआ था। हम एक होटेल में ठहरे थे और पलक मुझे बार-बार स्विमसूट पहनने को कह रही थीं। मेरा मन नहीं था, हालांकि इसका स्ट्रेच मार्क्स से कोई लेना-देना नहीं था, लेकिन मैं कम्फर्टेबल नहीं थी। तब तक मेरे सामने से एक विदेशी महिला आईं, उन्होंने टू पीस बिकीनी पहना हुआ था और पास में बैठीं। उनके बॉडी पर ढेर सारे स्ट्रेच मार्क्स थे। उन्होंने मुझसे कहा- कि तुम्हें पहनना चाहिए। उन्होंने दूर खड़े लंबे-चौड़े लड़के को दिखाकर कहा- उसे मैंने जन्म दिया है। यह इतना आसान नहीं था, मेरे कई मिसकैरेज हुए हैं, डॉक्टर ने कह दिया था कि मैं डिलीवर नहीं कर सकती, पूरी रात मैं स्क्रैच किया करती थी… और ये देखो अब ये मेरा सामने खड़ा है। इसलिए स्ट्रेचमार्क्स से परेशान होने की जरूरत नहीं है। वो बात मेरे दिमाग में छप गई कि हर स्ट्रेच मार्क एक की एक स्टोरी होती है।’



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here