खतरे की घंटी है ऑटिज्‍म, प्रेग्‍नेंसी में ही बच्‍चे को बचा सकती हैं इस खतरनाक बीमारी से

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​फोलिक एसिड करता है मदद

ओस्‍लो के नॉर्वेजियन इंस्‍टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्‍थ के एपिडेमिओलॉजी डिवीजन के डॉक्‍टर पाल सूरेन का कहना है कि प्रेग्‍नेंसी के दौरान पर्याप्‍त मात्रा में फोलिक एसिड लेने से नवजात शिशु में ऑटिज्‍म के खतरे को कम किया जा सकता है।

फोलिक एसिड एक तरह का विटामिन है जो भ्रूण को जन्‍म विकारों से बचाने और मस्तिष्‍क के विकास को बढ़ावा देता है।

डॉक्‍टर पाल सूरेन की रिसर्च टीम ने पता लगाया कि प्रेग्‍नेंसी में फोलिक एसिड लेने से बच्‍चे में जेनेटिक विकार और ऑटिज्‍म स्‍पेक्‍ट्रम विकारों का खतरा कम हो सकता है।

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​शराब को कहें ना

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कंसीव करने की कोशिश और प्रेग्‍नेंसी के दौरान महिलाओं को शराब, सिगरेट आदि से दूर रहना चाहिए। इससे शिशु में ऑटिज्‍म, मानसिक मंदता जैसे मानसिक विकारों का खतरा ज्‍यादा रहता है।

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​स्‍तनपान करवाना

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शिशु को ऑटिज्‍म से बचाने का एक तरीका स्‍तनपान भी है। शिशु के दूध में ओमेगा 3 फैटी एसिड और 6 फैटी एसिड की कमी की वजह से शिशु में ऑटिज्‍म हो सकता है। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि भ्रूण और नवजात शिशु के मस्तिष्‍क के विकास में अहम भूमिका निभाता है।

​मर्करी वाली वैक्‍सीन

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कहा जाता है कि कम मात्रा में मर्करी युक्‍त कुछ वैक्‍सीन प्रेगनेंट महिलाओं और शिशु को वायरल अटैक से बचाती हैं। हालांकि, इस बात पर विशेषज्ञों की कोई एक राय नहीं है।

मर्करी वयस्‍कों ही नहीं बल्कि भ्रूण और शिशु के लिए भी बहुत खतरनाक होता है। प्रेग्‍नेंसी में लगने वाले कुछ टीकों में मर्करी होती है जिससे शिशु में ऑटिज्‍म होने का खतरा रहता है। इसलिए डॉक्‍टर से इस तरह की वैक्‍सीन के बारे में पहले ही पूछ लें।

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ग्‍लूटेन और कैसीन करें दूर

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गर्भावस्‍था के शुरुआती स्‍टेज में ग्‍लूटेन और कैसीन से दूर रहना भी प्रेग्‍नेंसी में फायदा पहुंचाता है। गेहूं, जौ और ओट्स से बनी चीजों में ग्‍लूटेन पाया जाता है। ग्‍लूटेन और कैसीन युक्‍त फूड्स खून और पेशाब में पेप्‍आइड्स की मात्रा को बढ़ा देते हैं, जिससे मस्तिष्‍क को पहुंचने वाले बायोकेमिकल संकेत में बाधा उत्‍पन्‍न होती है।

ऑटिज्‍म से ग्रस्‍त बच्‍चों को ग्‍लूटेन और कैसीन फ्री डाइट 5 महीने तक देने से काफी सुधार देखा गया। शिशु के जन्‍म के बाद उसके आहार में इन चीजों को बहुत ध्‍यान से शामिल करें।

बच्‍चों में एंटीबायोटिक्‍स की वजह से भी ऑटिज्‍म हो सकता है। एंटीबायोटिक्‍स आंतों में गुड और बैड बैक्‍टीरिया को खत्‍म कर सकता है। बच्‍चों के लिए एंटीबायोटिक का ज्‍यादा इस्‍तेमाल न करें।

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