डिलीवरी के बाद पहली बार टॉयलेट जाने पर होता है तेज दर्द, आयुर्वेदिक डॉक्‍टर ने बताया बचने का उपाय

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नौ महीने से लेकर डिलीवरी तह महिलाओं को बहुत कुछ सहना पड़ता है। हालांकि, कई महिलाओं को लगता है कि डिलीवरी तक ही प्रॉब्‍लम रहती है और इसके बाद सब ठीक हो जाता है लेकिन ऐसा नहीं है। इसके बाद भी कुछ समस्‍याएं परेशान कर सकती हैं। प्रसव के बाद पहली बार मल त्‍याग करने में दिक्‍कत हो सकती है। कई मांएं इस बात से सहमत होंगी कि उन्‍हें डिलीवरी के बाद पहली बार मल त्‍याग करने में काफी दर्द हुआ था।

अगर आप भी प्रेगनेंट हैं या आपकी डिलीवरी होने वाली है, तो आप भी यह जान लें कि प्रसव के बाद इस तरह की परेशानी आ सकती है और इसके क्‍या कारण होते हैं।

कई दिनों से कब्‍ज हो

डिलीवरी के बाद शरीर को ठीक होने और नॉर्मल प्रक्रिया जिसमें मेटाबोलिज्‍म और पाचन भी शामिल है, में आने में थोड़ा समय लगता है। दवाओं और पानी की वजह से भी प्रसव के बाद कब्‍ज हो जाती है। सिजेरियन ऑपरेशन में कब्‍ज एक आम समस्‍या है। आप डॉक्‍टर से कब्‍ज को दूर करने के लिए सलाह ले सकती हैं।

​वैजाइनल टियरिंग

नॉर्मल डिलीवरी के दौरान एपिसिओटोमी से गुजरना पड़ता है या फिर जन्‍म नलिका को चौड़ा करने के लिए योनि और गुदा के बीच के हिस्‍से को काटा जाता है। वल्‍वा और पेरियनिम भी छिल सकता है। इस वजह से भी आपको डिलीवरी के बाद पहली बार मल त्‍याग करने में दर्द हो सकता है।

फोटो साभार : TOI

​सूजन हो सकती है

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वैजाइनल टियरिंग न भी हो, तो योनि के आसपास सूजन की वजह से भी दर्द महसूस हो सकता है।

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​कच्‍चे होते हैं टांके

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टियरिंग या एपिसिओटोमी के बाद कट को भरने के लिए डॉक्‍टर टांका लगा देते हैं। ये कुछ हफ्तों या दिनों तक रहता है। सिजेरियन के टांकों को छूने पर दर्द महसूस हो सकता है।

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​क्‍या कर सकती हैं आप

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इस बारे में आप डॉक्‍टर से बात कर सकती हैं कि जब तक आपकी बॉडी पूरी तरह से रिकवर नहीं करती, तब तक आप इस दर्द या कब्‍ज से कैसे बच सकती हैं।

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​आयुर्वेदिक डॉक्‍टर की राय

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बेंगलुरु के जीवोत्तम आयुर्वेद केंद्र के वैद्य डॉ. शरद कुलकर्णी कहते हैं कि इस समय ज्‍यादा दवाओं का इस्‍तेमाल करने की सलाह नहीं दी जाती है क्‍योंकि इस समय मां बच्‍चे को स्‍तनपान करवा रही होती है। इसलिए दर्द से बचने के लिए जात्‍यादि तेल को गुदा में लगा सकते हैं। तेल लगाने से पहले सिट्ज बाथ लें। इसके लिए एक टब में गुनगुना पानी भरकर उसमें बैठ जाएं। टब में इतना पानी होना चाहिए कि गुदा और योनि में उसमें डूब सकें। आप दिन में दो बार 5 से 8 मिनट तक बैठ सकते हैं। इसके बाद टब से बाहर निकलने पर बॉडी को अच्‍छी तरह से सुखा लें और फिर उस पर जात्‍यादि तेल लगाएं।

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​कैसी डाइट लें

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इसके अलावा डॉ. शरद सलाह देते हैं कि गर्म पानी पीती रहें और हरी सब्जियां खाएं, छाछ पिएं और केला खाएं। इससे मल पतला होकर निकल जाता है और कब्‍ज नहीं होती है।

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