परांठे खाने का मन कर रहा है, तो दिल्ली के पुराने ‘मूलचंद परांठा’ पर पहुंचें

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Famous Food Joints In Delhi-NCR: भारत देश में परांठा भी एक सर्वसुलभ भोजन है. यह पूरे भारत देश में पाया जाता है, लेकिन उत्तर भारत में इसका प्रचलन अधिक है. परांठे की खासियत यह है कि इसे सुबह-दोपहर-शाम-रात कभी भी खाया जा सकता है. इसकी एक अन्य विशेषता यह भी है कि सादा परांठा भी खाने में मन को भाता है तो भरवां (Stuffed) परांठा भी दिल जीत लेता है. परांठों के बारे में हमने ‘ज्ञान’ प्राप्त करने का प्रयास किया तो इस बात की जानकारी मिली कि इसका जन्म पंजाब में हुआ. लेखक बख्शीश सिंह ‘निज्जर’ ने अपनी पुस्तक ‘पंजाब अंडर द सुल्तान्स’ (Panjab Under the Sultans) में जानकारी दी है कि 1500 ईस्वी के आसपास पंजाब के कुलीन वर्ग में ‘परौंठे’ का चलन आम था.

कहा यह भी गया है कि परत+आटा को मिलाकर परांठा बना है. इसके कई मिलते-जुलते नाम हैं परांठा, परावंठा, परौंठा आदि. दक्षिण भारत में इसे प्रोट्टा कहा जाता है. कहा यह भी जाता है कि भारत के लोग परांठे को बाहर भी ले गए. इनमें मलेशिया, मॉरीशस, ट्रिनिडाड व टोबैगो देश शामिल हैं. वहां यह फराटा या फलाता कहलाया.

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पहले रात-भर लगता था ठिया और दो किस्म के ही परांठे मिलते थे
भारत में तो परांठे के जलवे हैं. यहां कई तरह व किस्मों के परांठे बनाए जाते हैं. अगर आकार की बात करें तो गोल परांठा, तिकोना परांठा, चौकोर परांठा, परतदार परांठा शामिल है. इसके अलावा सादा परांठा व कई तरह के भरवां पराठें मशहूर हैं. अब जब हमने इतना अधिक परांठा-गान कर दिया तो परांठा खाना तो बनता ही है. तो आज हम आपको दिल्ली के एक नामी परांठे वाले के पास लिए चल रहे हैं. इसका नाम है ‘मूलचंद परांठा.’ चूंकि सालों से यह साउथ दिल्ली के मूलचंद इलाके में मूलचंद मेट्रो स्टेशन के नीचे बेचा जा रहा है, इसलिए इसका नाम ही यह हो गया, वरना बेचने वालों में मूलचंद नाम किसी का नहीं है.

इस परांठे की दुकान की यह विशेषता रही थी कि कुछ साल पहले तक यह सिर्फ रात में बिकता था. देर रात को जब दिल्ली के लोगों का मन कुछ खाने का होता था तो वे मूलचंद पहुंच जाते थे और गरमा-गरम परांठों का मजा उठाते थे. उस वक्त इस ठिए पर आलू और अंडे के ही परांठे मिला करते थे. पुराने वक्त में दिल्ली में गिने-चुने ठिकाने ही हुआ करते थे, जहां पर रातभर खाना मिलता था, उसमें यह मशहूर ठिया भी शामिल है.

28 किस्म के वेज व नॉनवेज परांठे स्वाद से भरपूर हैं
युवाओं में यह परांठे वाला शुरू से ही मशहूर रहा है. युवाओं की चाहत को देखते हुए इसके मालिकों ने लगातार परांठे की वैरायटी बढ़ाई. आज इस आउटलेट पर 28 किस्म के वेज व नॉनवेज परांठे मिलते हैं. इनमें से पारंपरिक सादा व आलू परांठा से लेकर गोभी, मटर, पनीर, दाल, सोया, मिक्स परांठे से लेकर अंडा, कीमा व चिकन परांठा मौजूद है. यानी स्टफ्ड परांठों में एक से एक लाजवाब. सालों से परांठे बिक रहे हैं, लेकिन स्वाद में कोई बदलाव नहीं आया है. आप किसी भी परांठे का ऑर्डर दीजिए, डिस्पोजेबल प्लेट में परांठा पेश किया जाएगा.

यहां की विशेषता है कि परांठा सर्व करते वक्त उसके ऊपर विशेष प्रकार का मसाला भुरका जाता है, जो परांठे का स्वाद बढ़ा देता है. यह मसाला हाजमे से भरपूर है. उसे काली मिर्च, अजवायन, धनिया, अनारदाना, मैथी, दालचीनी आदि पीसकर बनाया गया है. इस परांठे के साथ एक छोटी प्लेट में कटी हरी मिर्च, दही वाली हरी चटनी व मसालेदार फ्राई हरी मिर्च पेश की जाएगी. साथ में अमूल मक्खन की छोटी टिक्की. इन सबका मिलन परांठे में जबर्दस्त स्वाद भर देता है. भरा-पूरा एक ही परांठा आपका पेट भरने के लिए काफी है. एक परांठे की कीमत 45 रुपये से लेकर 160 रुपये के बीच है. आप चाहे तो परांठे के साथ कई फ्लेवर की लस्सी भी पी सकते हैं. सबकी कीमत 50 रुपये से शुरू होती है.

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वर्ष 1975 से मिल रहे हैं गरमा-गरम परांठे
करीब 7 साल से यह ठिया अब आउटलेट में तब्दील हो चुका है और आजकल सुबह 9 बजे से सामान्य दिनों में रात 11:30 बजे तक परांठा मिलता है. लेकिन सालों तक यह परांठा सारी रात मेट्रो स्टेशन के सामने फुटपाथ पर रेहड़ी लगाकर बिका करता था. तब एक गोल भारी भरकम मोटे तवे पर इसको बनाया जाता था, अब उसके बजाय आयताकार तवे पर लगातार परांठे सिंकते रहते हैं. परांठे बेचने के काम को वर्ष 1975 में दो भाइयों रामलाल खट्टर व सुभाष चंद खट्टर ने शुरू किया था.

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फूडअब उनके लाडले दीपक, महेंद्र व विक्रांत खट्टर बारी-बारी से आउटलेट को संभालते है. उनका कहना है कि परांठे को स्वादिष्ट, कुरकुरा और स्टफ्ड बनाने के लिए सालों पहले हमने जो तरीके बनाए थे, वह आज भी चल रहे हैं. इसलिए हमारे परांठों के स्वाद में कोई बदलाव नहीं होता. खाने के लिए यहां स्टेंडिंग सिस्टम है. जब भी जाएंगे, आपको गरमा-गरम परांठे खाने के लिए मिलेंगे. कोई अवकाश नहीं है.

नजदीकी मेट्रो स्टेशन: मूलचंद

Tags: Food, Lifestyle



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