Coronavirus Fact Check : इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहे कोविड-19 से जुड़े ये 8 झूठ, WHO न खोली सबकी पोल

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Coronavirus Fact Check : इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहे कोविड-19 से जुड़े ये 8 झूठ, WHO न खोली सबकी पोल


कोरोना वायरस की दूसरी लहर (Covid Second wave) अभी शांत नहीं हुई थी कि हेल्थ एक्सपर्ट्स ने इसकी तीसरी लहर आने के संकेत दे दिए हैं। प्रतिदिन वायरस से करीब 4 लाख लोग संक्रमित हो रहे हैं। इसी बीच कोविड के इलाज और वैक्सीन को लेकर सोशल मीडिया पर तमाम तरह के भ्रामक मैसेज भी फैलाए जा रहे हैं। कोविड के फैलने को लेकर हाल के दिनों में तमाम तरह के मैसेज वायरल हो रहे हैं।

इस बीच सरकार और वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (World health organization) बार-बार जनता तो किसी भी वायरल होम रेमेडी पर बना जांच पड़ताल के भरोसा न करने को रहे हैं। इस तरह के झूठ, गलत सूचनाओं और कोविड-19 के इलाज से जुड़े मिथ से आपको बचना चाहिए। यहां हम आपको कोविड से जुड़े कई तरह की अफवाहों के बारे में बता रहे हैं जिन पर WHO ने जवाब दिया है।
(फोटो साभार: istock by getty images)

​मच्छर के काटने से COVID-19 नहीं फैलता

इस बात के अब तक कोई सबूत नहीं हैं कि COVID-19 मच्छरों के काटने से फैल सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का दावा है कि यह बीमारी मनुष्यों में मच्छरों के काटने से नहीं फैलती है।

वैज्ञानिकों के अनुसार, यदि किसी संक्रमित व्यक्ति को मच्छर काट ले तब भी उसके ब्लडबल्ड में मौजूद कोरोना वायरस मच्छर के भीतर जीवित नहीं रह सकता और इसलिए उसी मच्छर द्वारा किसी दूसरे व्यक्ति को काटने पर संक्रमण फैलने का खतरा नहीं है।

​COVID-19 एक वायरस के कारण होता है, बैक्टीरिया से नहीं?

कोविड 19-

COVID-19 का कारण बनने वाला वायरस कोरोना विरिडे (Coronavirus) नामक वायरस फैमिली से आता है। एंटीबायोटिक वायरस के खिलाफ काम नहीं करते हैं। WHO के मुताबिक, अगर आप Covid-19 की वजह से अस्पताल में भर्ती होते हैं तो मरीज को एंटीबायोटिक दवाएं दी जा सकती हैं ताकि कोई और बैक्टीरियल इन्फेक्शन न हो।

​क्या हर्बल रेमेडी से कोविड-19 रुक सकता है?

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हाल के दिनों में तमाम लोगों की ये धारणा है कि हर्बल और आयुर्वेदिक रेमेडी कोविड-19 संक्रमण को रोक सकते हैं। हालांकि हर्बल दवाएं कुछ बीमारियों का इलाज कर सकती हैं, लेकिन इस बात की कोई पुष्टि नहीं हुई है कि यह कोविड-19 का इलाज कर सकती हैं।

​क्या जूतों-चप्पलों से भी फैलता है कोविड?

navbharat times

अमेरिका के सीडीसी द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, जूते-चप्पल से भी कोविड-19 फैल सकता है। यह रिपोर्ट खासतौर पर मेडिकल स्टाफ के फुटवियर पर आधारित थी। लेकिन WHO इस बात को पूरी तरह से सच नहीं मानता।

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार, जूतों से कोविड फैलने की बहुत कम संभावना है। हालांकि, बेहतर होगा अगर आप अपने स्लीपर और शूज को घर के एंट्री गेट पर भी उतारें न अंदर लेकर आएं।

​क्या घर में Houseflies फैलाती हैं कोविड संक्रमण?

-मक्खियां-

WHO के अनुसार, अब तक किसी भी शोध में इस बात के कोई सबूत नहीं मिले कि कोविड घर में उड़ने वाली मक्खियों (Houseflies) के जरिए फैलता है।

COVID-19 मुख्य रूप से संक्रमित मरीज द्वारा खांसते या छींकते या फिर बातचीत करते वक्त निकलने वाली बूंदों से फैलता है। यह तब भी फैल सकता है जब संक्रमण क्षेत्र में आने वाली किसी सतह को छू लेते हैं और उन्हीं हाथों को अपनी आंख, नाक या मुंह को फिर स्पर्श करते हैं।

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​क्या 5G मोबाइल नेटवर्क से फैलता है COVID-19?

-5 ग-कोविड -19

WHO इस बात की पुष्टि नहीं करता है कि 5जी मोबाइल के जरिए कोरोनावायरस फैलता है। WHO की रिपोर्ट में ऐसे सभी दावों को फर्जी बताया गया है।

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार, कोरोना वायरस 5G मोबाइल नेटवर्क और रेडियो तरंगों के साथ एक जगह से दूसरी जगह पर नहीं पहुंच सकता। रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना उन देशों में फैल रहा है जहां 5जी मोबाइल नेटवर्क नहीं है।

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​क्या एंटीबायोटिक्स से कोरोना वायरस का इलाज हो सकता है?

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WHO के अनुसार, एंटीबायोटिक दवाएं (Antibiotics Medicine) केवल बैक्टीरियल इंफेक्शन (bacterial infections) को ठीक करने में मदद करती हैं न कि वायरस को रोकने में। COVID-19 रोगी एक ही समय में होने वाले बैक्टीरियल इंफेक्शन के इलाज के लिए एंटीबायोटिक्स का प्रयोग कर सकते हैं।

​अपनी सांस को रोककर COVID-19 टेस्ट करना क्या सही तरीका है?

-कोविड 19-

तमाम लोग सोचते हैं कि बिना खांसी और किसी भी असुविधा के अपनी सांसों (Holding breath) को 10 सेकंड तक रोकने का मतलब है कि आप कोविड से संक्रमित नहीं हैंहै और न ही आपको कोई फेफड़ों संबंधी बीमारी (lung disease) है। यह कोविड टेस्ट करने का सबसे आसान तरीका है।

लेकिन WHO के अनुसार, कोविड टेस्ट करने के सही माध्यम नहीं हैंहै। कोरोना की जांच के लिए आपको अपने पास किसी प्रयोगशाला (laboratory test) में जाना उचित होगा।

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