इन राज्‍यों के लिए बड़ी राहत, 5-10 दिनों में कोरोना के मामलों में आ सकती है कमी

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नई दिल्‍ली
दिल्‍ली, महाराष्‍ट्र और पंजाब के लिए राहत की खबर है। सरकार को उम्‍मीद है कि अगले 5-10 दिनों में यहां कोरोना के मामले घटना शुरू होंगे। लॉकडाउन और लोगों के एहतियात बरतने से यह कमी आएगी। इन राज्‍यों में कोरोना ने सबसे ज्‍यादा कहर बरपाया है।

सरकार के वरिष्‍ठ अधिकारियों ने बताया है कि केंद्र की बिहार, उत्‍तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्‍यों में फोकस बढ़ाने की तैयारी है। इन राज्‍यों में कोरोना के मामले बढ़ने की आशंका है।

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क्‍‍‍‍या कहते हैं शुरुआती ट्रेंड?
हमारे सहयोगी अखबार इकनॉमिक टाइम्‍स से सरकार के एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने कहा कि कोरोना के मामलों पर शुरुआती ट्रेंड दिखाते हैं कि यह कमी राष्‍ट्रीय स्‍तर पर नहीं होगी। अलबत्‍ता इसमें क्षेत्रीय स्‍तर पर कमी आ सकती है। जहां कुछ जगहों पर कोरोना के मामले घट सकते हैं, वहीं दूसरी जगहों पर इनमें बढ़ोतरी हो सकती है।

अधिकारियों ने बताया कि ये अनुमान कई राष्‍ट्रीय और अंतरराष्‍ट्रीय संस्‍थानों की रिपोर्ट पर आधारित हैं। इनमें आईआईटी-कानपुर और हैदराबाद शामिल हैं।

एक्सपर्ट का क्या है कहना?
अमेरिकी राष्‍ट्रपति के चीफ मेडिकल एडवाइजर एंटनी फौसी सहित कुछ एक्‍सपर्ट देश में संपूर्ण लॉकडाउन के पक्ष में हैं। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि ऐसे कदम का तभी कोई मतलब है जब देश की अधिकांश आबादी के लिए पर्याप्‍त वैक्‍सीन उपलब्‍ध हो।

एक अधिकारी ने बताया कि अगर सरकार कोरोना के मामलों में इस कदर तेजी आने का अंदाजा लगा भी लेती तो भी यह संभव नहीं था कि वह उसी रफ्तार से वैक्‍सीनेशन की क्षमता को बढ़ा पाती।

उन्‍होंने कहा, ‘हम अपनी क्षमता को डेढ़ से दो गुना तक ही बढ़ा सकते थे। लेकिन, कोरोना के मामले पांच गुना रफ्तार से बढ़े हैं। वैक्‍सीन और इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर की सीमाओं के चलते संपूर्ण लॉकडाउन विकल्‍प नहीं है।’ अधिकारी ने बताया कि पॉजिटिव मामलों के शुरुआती ट्रेंड से पता चलता है कि मई के मध्‍य में दिल्‍ली पंजाब और महाराष्‍ट्र में गिरावट संभव है।

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ये अनुमान कई राष्‍ट्रीय और अंतरराष्‍ट्रीय संस्‍थानों की रिपोर्ट पर आधारित हैं। इनमें आईआईटी-कानपुर और हैदराबाद शामिल हैं।

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