Nikah Halala Case: निकाह हलाला की संवैधानिक वैधता को चुनौती, केस की सुनवाई के लिए नए बेंच का गठन करेगा सुप्रीम कोर्ट

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नई दिल्ली: बहुविवाह और निकाह हलाला के संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट संवैधानिक बेंच का गठन करेगी। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि वह इन मामलों की सुनवाई के लिए संवैधानिक बेंच का गठन करेंगे। शीर्ष अदालत के सामने याचिकाकर्ता वकील अश्विनी उपाध्याय ने यह मामला उठाया और कहा कि इन मामलों की सुनवाई के लिए नए संवैधानिक बेंच के गठन की जरूरत है क्योंकि पहले की बेंच के दो जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस इंदिरा बनर्जी रिटायर हो गईं। इस पर चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि हम बेंच का गठन करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने 26 मार्च 2018 को निकाह हलाला और बहुविवाह की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका को संवैधानिक बेंच को रेफर कर दिया था। निकाह हलाला, बहुविवाह को गैर संवैधानिक घोषित करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस इंदिरा बनर्जी, जस्टिस हेमंत गुप्ता, जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस सुधांशु धूलिया की संवैधानिक बेंच में 30 अगस्त को मामला सुनवाई के लिए आया था। तब बेंच ने इस मामले में एनएचआरसी, राष्ट्रीय महिला आयोग और नैशनल कमिशन फॉर माइनॉरिटीज को भी नोटिस जारी किया था। इसके बाद 23 सितंबर को जस्टिस बनर्जी और 16 अक्टूबर को जस्टिस गुप्ता रिटायर हो गए।

सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम महिला के साथ-साथ वकील अश्विनी उपाध्याय आदि ने अर्जी दाखिल कर बहुविवाह और निकाह हलाला के संवैधानिक वैधता को चुनौती दे रखी है। वहीं जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने दखल याचिका दायर की हुई है और मुस्लिम प्रैक्टिस को सपोर्ट किया हुआ है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरीयत) एप्लिकेशन एक्ट 1937 की धारा-2 को गैर संवैधानिक घोषित किया जाए क्योंकि इसके तहत बहुविवाह और निकाल हलाला को मान्यता दी जाती है। तीन तलाक को गैर संवैधानिक घोषित किए जाने के बाद निकाह हलाला और बहुविवाह के संवैधानिक पहलू को सुप्रीम कोर्ट परखेगा।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट 22 अगस्त 2017 को एक बार में तीन तलाक को गैर संवैधानिक घोषित कर चुकी है। चीफ जस्टिस के सामने दलील दी दी गई थी कि पहले की पांच जजों की संवैधानिक बेंच ने तीन तलाक के गैर संवैधानिक घोषित करते हुए निकाह हलाला और बहुविवाह के मुद्दे को ओपन छोड़ा था। सुप्रीम कोर्ट में बीजेपी नेता अश्विनी उपाध्याय की ओर से अर्जी दाखिल की गई है। साथ ही अन्य सात की ओर से अर्जी है दिल्ली की दो मुस्लिम महिलाओं की ओर से भी अर्जी दाखिल की गई है। अश्विनी उपाध्याय के अलावा एक्टिविस्ट नाईस हसन, विक्टिम रानी शबनम, हैदराबाद की एडवोकेट एम. मोहसिन, विक्टिम नफीसा खान, परजाना, किरण सिंह सोशल एक्टिविस्ट और समीना बेगम की ओर से याचिका दायर की गई है।

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