Rahul Bajaj News : आपकी सरकार में…. जब राहुल बजाज ने भरी सभा में अमित शाह को बहुत कुछ सुना दिया था

0
48

नई दिल्ली: 50 साल तक बजाज ग्रुप (Bajaj Group) के चेयरमैन रहे, देश के बड़े कारोबारी राहुल बजाज (Rahul Bajaj Died) नहीं रहे। शनिवार को 83 साल की उम्र में पुणे में उनका निधन हो गया। वह कैंसर से पीड़ित थे। जैसे ही यह खबर मिली, उद्योग जगत में शोक की लहर फैल गई। सोशल मीडिया पर उद्योग जगत की हस्तियां और नेता-मंत्री उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि दे रहे हैं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उन्हें समाजसेवी बताते हुए कहा कि पद्म भूषण से सम्मानित राहुल जी से उनके व्यक्तिगत संबंध रहे हैं।

सियासत पर भी बेबाक बोलते थे राहुल बजाज
दरअसल, आमतौर पर उद्योग जगत की हस्तियां खुद को इंडस्ट्री से जुड़े मुद्दों के दायरे में ही रखती हैं। लेकिन राहुल बजाज उनमें से नहीं थे। वह देश के राजनीतिक मसलों पर भी खुलकर अपनी राय रखते थे। मंच भले ही बिजनस से जुड़ा हो, राहुल बजाज अपने सरल और सधे अंदाज में बेबाक तरीके से अपनी बात रख देते थे। वह 2006 से 2010 तक राज्यसभा सांसद भी रहे। आज जब लोग उन्हें याद कर रहे हैं तो 2019 का वह कार्यक्रम भी लोगों को याद आ रहा है जिसमें राहुल बजाज ने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष और वर्तमान गृह मंत्री अमित शाह को बहुत कुछ सुनाया था। साध्वी प्रज्ञा, असहिष्णुता, लिंचिंग को लेकर उनके सवाल काफी चर्चा में रहे थे।
Rahul Bajaj Death News: दिग्गज कारोबारी पद्म भूषण राहुल बजाज का निधन, लंबे वक्त से लड़ रहे थे कैंसर से
जब राहुल बजाज ने अमित शाह पर दागे सवाल
ET अवॉर्ड समारोह में राहुल बजाज ने ऑडियंस में खड़े होकर कहा कि मेरे लिए किसी की तारीफ करना काफी मुश्किल होता है। मैं गरीबों और वंचित तबकों की मदद के लिए काम करता रहा हूं। मेरे दादा महात्मा गांधी के दत्तक पुत्र थे, मेरा नाम ‘राहुल’ जवाहर लाल नेहरू ने रखा था। मैं जन्म से ही एंटी-एस्टैबलिस्टमेंट रहा हूं। यूपीए या कोई भी हो, मेरी चिंता बहुत ही साधारण है।

जिन्होंने गांधी जी को शूट किया, क्या उसमें डाउट है
राहुल बजाज ने आगे हिंदी में कहा, ‘आज जो भी वहां हैं, किसी को भी देशभक्त बोलते हैं… आप जानते हैं जिन्होंने गांधी जी को शूट किया… या तो कोई डाउट है उसमें, मैं जानता नहीं हूं। पहले से बोले थे, टिकट भी दिया, जीत गईं वो तो ठीक है। आपके सपोर्ट से ही जीती हैं, उनको तो कोई जानता नहीं था। उसके बाद आप संसदीय समिति में ले आए…प्रधानमंत्री ने कहा था कि ऐसे किसी को भी माफ करने में बड़ी मुश्किल होगी। उसके बाद भी कमेटी में ले आए… ठीक है आपने हटा दिया। लेकिन यह एक उदाहरण है। भागवत जी बोलते हैं कि लिंचिंग (Rahul Bajaj on Lynching) एक विदेशी शब्द है, वेस्टर्न में लिंचिंग होती थी…मामूली मुद्दा हो सकता है लेकिन यह एक हवा पैदा करती है। हवा होती है जैसे असहिष्णुता की हवा है, हम डरते हैं…. देखते हैं कि कोई दोषी नहीं ठहराया गया अभी तक। रेप नहीं, ट्रीजन नहीं, मर्डर नहीं। हजारों करोड़ की बात गलत है, कन्विक्ट किए बिना वो 100-100 दिन तक जेल में रहते हैं।’

उन्होंने कहा कि 40-50 साल में मैं किसी भी मंत्री से ऑफिस या घर जाकर कभी नहीं मिला। कुछ पूछा नहीं मैंने। बच्चे लोग काम करते हैं, भगवान महान है….।

ये जो माहौल है न….
आगे बड़े बेबाकी से राहुल बजाज ने कहा कि ये जो माहौल है ये जरूर हमारे मन में है। कोई बोलेगा नहीं, कोई बोलेगा नहीं इंडस्ट्री से, मैं खुलेआम कहता हूं, पर मैं एक अच्छा जवाब चाहता हूं केवल इनकार नहीं। उस समय मंच पर अमित शाह, निर्मला सीतारमण और पीयूष गोयल बैठे थे और उद्योग जगत के कई बड़े कारोबारी बैठे हुए थे।

राहुल बजाज ने कहा कि एक वातावरण पैदा करना पड़ेगा जिसमें…. यूपीए-2 में तो हम किसी को भी गाली दे सकते थे। आप अच्छा काम कर रहे हैं उसके बाद भी हम आपकी खुलेआम आलोचना करें, कॉन्फिडेंस नहीं है कि आपकी तरफ से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलेगी। मैं गलत हो सकता हूं लेकिन हम सबको लगता है कि चीजें, जो मुझे बोलनी नहीं चाहिए….।

navbharat times

शाह बोले- बजाज साहब, एक हौव्वा बनाया गया है
करीब 5 मिनट लगातार सुनने के बाद अमित शाह ने जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि आपके पूछने के बाद कोई नहीं मानता होगा कि कोई डरता है (इस पर सभी हंस पड़े)। बजाज साहब, एक हौव्वा बनाया गया है। जैसे ही साध्वी प्रज्ञा जी की बात आई, तुरंत ही भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने, पार्टी अध्यक्ष के नाते मैंने और राजनाथ सिंह जी ने निंदा की। उन पर स्टेप्स भी लिए गए हैं। बाद में उन्होंने संसद में माफी भी मांगी। वास्तव में, मैं ही उस दिन था। वह कह रही हैं कि वह उधम सिंह के लिए बोल रही थीं या गोडसे के लिए, भ्रम रहा और मालूम नहीं चला क्योंकि दोनों का जिक्र डी. राजा के स्टेटमेंट में एक साथ था। फिर भी ऐसे किसी भी बयान का भाजपा और सरकार समर्थन नहीं करती है।’

शाह ने आगे कहा कि जहां तक लिंचिंग का सवाल है तो यह पहले भी होता था और आज भी होता है। शायद पहले से आज कम होता है। लिंचिंग वाले कई केस में सजा भी हुई है लेकिन मीडिया में छपते नहीं हैं। खौफ के लिए मैं कहना चाहता हूं कि किसी को भी डरने की कोई जरूरत नहीं है। नरेंद्र मोदी जी पर और हमारी सरकार पर ढेर सारे अखबारों में, लेखकों ने ढेर सारा लिखा है और आज भी धड़ल्ले से लिख रहे हैं। सबसे ज्यादा अगर किसी के खिलाफ लिखा गया है तो हमारे खिलाफ लिखा गया है।’

साध्वी ने क्या कहा था
दरअसल, भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताने पर विवाद हुआ था। बाद में साध्वी ने कहा था कि उन्होंने गोडसे को देशभक्त नहीं कहा। उन्होंने माफी भी मांग ली थी।

rahul bajaj

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here