जब सचिन ने पाक को दिया था मुंहतोड़ जवाब, शारजाह में लगाई थी शोएब-वसीम की क्लास

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क्रिकेट के किस्से कभी खत्म नहीं हो सकते। हर दौर की अपनी अलग कहानियां हैं। हर दशक, टूर्नामेंट, सीरीज यहां तक की हर मैच की अपनी यादें हैं, जिसे कई खिलाड़ी समय-समय पर याद करते हैं। अभी बात ‘क्रिकेट के भगवान’ कहलाए जाने वाले सचिन तेंदुलकर की करते हैं, क्योंकि पूर्व भारतीय पेसर वेंकटेश प्रसाद ने अतीत के पन्नों को पलटा है।

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बात 90 के दशक की है, जब शारजाह में चिर प्रतिद्वंद्वी भारत-पाकिस्तान की टीम आमने-सामने थीं। सचिन का सामना शोएब अख्तर, वसीम अकरम, वकार यूनुस सरीखे तूफानी गेंदबाजी से था। वेंकटेश कहते हैं कि मास्टर-ब्लास्टर शुरू से ही इधर-उधर की बातों पर ध्यान न देकर खेल पर फोकस रखने वाले खिलाड़ी थे। यहां तक कि शोएब अख्तर ने जब एक तेज-तर्रार गेंद सचिन के हेलमेट पर मारी, तब भी उन्होंने कोई खास प्रतिक्रिया नहीं दी थी। अगली गेंद भी पिच पर टप्पा खाकर तेजी से तेंदुलकर के सिर की ओर आ रही थी, जिस पर उन्होंने छक्का लगाकर जवाब दिया।

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वसीम अकरम से भिड़ंत
एक मीडिया हाउस से बातचीत में वेंकटेश प्रसाद बताते हैं, ‘इस घटना का जिक्र किए बिना यह बातचीत अधूरी ही रह जाएगी। वसीम अकरम ने 145 किमी प्रतिघंट की रफ्तार से तेज बाउंसर फेंकी, जो सीधे जाकर सचिन के हेलमेट पर लगी। सचिन शायद इस रफ्तार की बॉल उम्मीद नहीं कर रहे थे। गेंद इतनी जोर से लगी था कि वह सन्न रह गए, उनके जगह कोई और होता तो हेलमेट निकालकर मैदान पर बैठ जाता, लेकिन तेंदुलकर अलग मिट्टी से बने थे। सिर्फ सिर हिलाते हुए लेग अंपायर की ओर चहल-कदमी की और ऊपर से ही हेलमेट ठीककर अगली गेंद के लिए तैयार हो गए।

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मुंह नहीं बल्ले से देते थे जवाब
सचिन को बैकफुट पर डालने के बाद वसीम अकरम का हौसला सातवें आसमां पर था। इस बार फिर वसीम ने बाउसंर फेंका। उसी रफ्तार, उसी लैंथ और लगभग पिछली बॉल की ही तरह सिर के उतने ही नजदीक, बस फिर क्या था, फोकस सचिन ने गेंद स्टेडियम के बाहर भेज दी। भले ही वसीम अकरम ने तेंदुलकर के हेलमेट पर मारा था, लेकिन मास्टर-ब्लास्टर ने गेंदबाज के मनोबल पर चोट की। वह वाकई जेंटलमेंस गेम के एम्बेसडर थे, इतना कहकर वेंकटेश ने अपनी बात खत्म की।

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