जिंदगी की जंग: 1980 ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता हॉकी टीम के दो खिलाड़ियों की हालत गंभीर

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नई दिल्ली
1980 मॉस्को ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली हॉकी टीम के दो खिलाड़ी महाराज कृष्ण कौशिक और रवींद्र पाल सिंह कोरोना वायरस के कारण अस्पताल में भर्ती हैं और जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। डॉक्टर के अनुसार, कौशिक की हालत गंभीर है और अगले 24 घंटे उनके लिए काफी कठिन हैं। 66 वर्षीय कौशिक दिल्ली के निजी अस्पताल में आईसीयू में भर्ती हैं जबकि रवींद्र लखनऊ के एक अस्पताल में है। गुरुवार की शाम उन्हें नॉन कोविड वार्ड में शिफ्ट किया गया है, लेकिन रवींद्र को लगातार ऑक्सीजन देने की जरूरत है।

कौशिक के पुत्र ईशान ने आईएएनएस से कहा, ‘डॉक्टरों ने कहा है कि अगले 24 घंटे काफी कठिन हैं, उन्होंने कहा कि अगर मेरे पिता पर दवाईयों का असर नहीं हुआ तो उनका शरीर ढलने की संभावना बढ़ जाएगी। मेरे पिता को फिलहाल दुनियाभर की दुआओं की जरूरत है।’ कौशिक की पत्नी भी कोरोना से संक्रमित हैं और स्वस्थ हो रही हैं। ईशान ने कहा, ‘वह अभी ठीक हैं और उम्मीद है कि उन्हें अगले कुछ दिनों में अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी।’

रवींद्र की भांजी प्रज्ञा ने बताया कि उनका परिवार और हॉकी से जुड़े लोग ऑक्सीजन बेड की तलाश में हैं। प्रज्ञा ने आईएएनएस से कहा, ‘मामा जी कोविड से ठीक हो चुके हैं, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें एंजाइटी है और वह डिप्रेसड महसूस कर रहे हैं, इसलिए उन्हें ऑक्सीजन की जरूरत है, उन्हें अभी नॉन कोविड वार्ड में शिफ्ट किया गया है।’ उन्होंने कहा, ‘लखनऊ में दवाईयों की स्थिति काफी खराब है। मुश्किल से यहां बेड और ऑक्सीजन उपलब्ध हैं। भारतीय हॉकी टीम के पूर्व खिलाड़ी रजनीश मिश्रा सहित कुछ हॉकी खिलाड़ियों ने मामा की मदद की।’

रजनीश ने बताया कि हॉकी कनेक्शन से रवींद्र की मदद करने में सफलता मिली। उन्होंने कहा, ‘विवेकानंद पोलीक्लीनिक का पीआरओ विशाल सिंह पूर्व हॉकी खिलाड़ी प्रवीन का भाई है। उन्होंने रवींद्र को नॉन कोविड अस्पताल में बेड दिलाने में अहम भूमिका अदा की।’ प्रज्ञा ने कहा कि डॉक्टरों ने कहा है कि अगर मामाजी थोड़ी कोशिश करते तो इससे जल्द स्वस्थ होने में मदद मिलेगी। उल्लेखनीय है कि कौशिक ने 1980 ओलिंपिक के फाइल में स्पेन के खिलाफ भारत को मिली 4-3 से जीत में गोल किया गया था।

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