पाकिस्‍तान के नए जनरल असीम का सबसे बड़ी चुनौती बने इमरान, सेना के गढ़ रावलपिंडी में करेंगे शक्ति प्रदर्शन

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इस्‍लामाबाद: पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने लेफ्टिनेंट जनरल असीम मुनीर को देश के नए सेना प्रमुख के तौर पर चुना है। नए सेना प्रमुख मुनीर 29 नवंबर को जब अपना पद ग्रहण करेंगे तो एक नहीं बल्कि कई मुश्किलों से रूबरू होंगे जिनमें पूर्व पीएम इमरान खान भी हैं। बतौर प्रधानमंत्री इमरान ने जिस ले. जनरल को आईएसआई चीफ के पद से हटाया था, अब वह एक बार फिर से उनके सामने हैं। 26 नवंबर को पाकिस्‍तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के मुखिया इमरान अपने समर्थकों के साथ लॉन्‍ग मार्च को उसी रावलपिंडी तक लेकर जाएंगे जो सेना का गढ़ है। इमरान ने यह मॉर्च उन इंटेलीजेंस रिपोर्ट्स के आने बावजूद आगे बढ़ाने का फैसला किया है, जिनमें उनकी जान पर खतरे का जिक्र है। इमरान की मानें तो वह हर खतरे के बाद भी रावलपिंडी तक पहुंचकर रहेंगे। मिलिट्री के सामने पहले से ही मौजूद कई चुनौतियों के बाद अब पूर्व पीएम का यह ऐलान नए सेना प्रमुख के लिए बड़ा सिरदर्द है।

खतरे के बाद भी मार्च

इमरान ने गुरुवार को अपने घर पर मीडिया को संबोधित किया। उन्‍होंने कहा, ‘मुझे मालूम है कि मेरी जान खतरे में है और मुझ पर एक और हमला हो सकता है। लेकिन इसके बावजूद मैं रावलपिंडी पहुंचकर रहूंगा।’ इमरान की मानें तो उनके घाव जल्‍दी नहीं भर सकते हैं और वह जख्‍मी पैर के साथ लॉन्‍ग मार्च निकालेंगे। इमरान का दावा है कि 26 नवंबर को वह सबको सरप्राइज कर देंगे। पूर्व पीएम इमरान को नए सेना प्रमुख की नियुक्ति को लेकर कोई चिंता नहीं है। उनका कहना था कि सरकार ने जिसे भी सेना प्रमुख बनाया है उससे उन्‍हें कोई एतराज नहीं हैं। लेकिन अब सरकार दोनों तरफ से अपने ही जाल में फंस चुकी है। पाकिस्‍तान के नए आर्मी चीफ असीम मुनीर की राह नहीं होगी आसान, बड़ा खेल करने की तैयारी में राष्‍ट्रपति और इमरान
चुनावों की मांग

इस साल अप्रैल में सत्‍ता गंवाने वाले इमरान की मानें तो अगर आज देश में चुनाव होते हैं तो वर्तमान सरकार बुरी तरह से हार का सामना करेगी। उन्‍होंने कहा कि उनकी सिर्फ एक मांग है और वह देश में नए चुनावों की तारीखों के बारे में जानना चाहते हैं। इसके बाद ही कोई वार्ता हो सकती है। जनरल असीम की नियुक्ति के ऐलान के बाद इमरान ने इस पर बड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्‍होंने कहा कि राष्‍ट्रपति आरिफ अल्‍वी जो उनकी पार्टी के सदस्‍य हैं, नए सेना प्रमुख को मंजूरी देने से पहले उनसे सलाह-मशविरा जरूर लेंगे।

सेना पर कई आरोप
इमरान के अलावा एक और पूर्व पीएम नवाज शरीफ सेना पर आरोप लगा चुके हैं। सेना कई और चुनौतियों का सामना कर रही है। देश की सुरक्षा का जिम्‍मा संभालने वाली सेना पर अप्रैल 2017 में आए पनामागेट फैसले की कानूनी प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप है। पाकिस्‍तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) ने न्‍यायपालिका और सेना पर आरोप लगाया है इनकी वजह से वह हमेशा के लिए अयोग्‍य घोषित कर दिए गए थे। साल 2018 में हुए आम चुनावों के बाद उनकी बेटी मरियम नवाज और दामाद कैप्‍टन (रिटायर्ड) सफदर को पनामा गेट में दोषी ठहराया गया था। इन तीनों को जेल भेज तक दिया गया था।

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