Russia Ukraine War : क्या यूक्रेन से चिड़िया उड़ाकर रूस को बर्बाद करने की साजिश रच रहा अमेरिका ? कबूतरों को दी थी ट्रेनिंग

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मॉस्को : रूस का आरोप है कि अमेरिका उसके पड़ोसी देश यूक्रेन में बायोलैब संचालित कर रहा है जिनमें बड़े पैमाने पर जैविक हथियार तैयार किए जा रहे हैं। रूस का दावा है कि यूक्रेन में अमेरिका की 26 बायोलैब मौजूद हैं। हालांकि अमेरिका ने जैविक हथियारों के निर्माण को लेकर सभी आरोपों को खारिज किया है। अब रूस एक नई थ्योरी लेकर आया है और कह रहा है कि अमेरिका यूक्रेन में रूसी नागरिकों के बीच जानलेवा बीमारियां फैलाने के लिए पक्षियों को ट्रेनिंग दे रहा है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने ये आरोप लगाए हैं।

रूसी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता इगोर कोनाशेनकोव ने गुरुवार को रूसी मीडिया से बात करते हुए ये दावे किए। न्यूजवीक ने रूसी न्यूज आउटलेट प्रावदा के हवाले से बताया, कोनाशेनकोव ने कहा कि अमेरिकी सेना ने पक्षियों को एच5एन1 फ्लू स्ट्रेन ’50 फीसदी की मृत्यु दर के साथ’ और न्यूकैसल बीमारी के साथ संक्रमित करने की योजना बनाई है। न्यूकैसल बीमारी एक बेहद संक्रामक और घातक पक्षी रोग है जो श्वसन, तंत्रिका और पाचन तंत्र को प्रभावित करता है।
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अमेरिका ने चलाया था ‘प्रोजेक्ट पीजन’
रिपोर्ट के मुताबिक रूसी मीडिया ने नक्शे, दस्तावेज और यूएस कोट ऑफ आर्म्स पहने हुए पक्षियों की फोटो भी प्रसारित की। कोनाशेनकोव ने कहा कि रूसी सैन्य अधिकारियों ने यूक्रेन के खेरसॉन रिजर्व से कुछ संक्रमित पक्षियों को पकड़ा भी है। स्मिथसोनियन नेशनल म्यूजियम ऑफ अमेरिकन हिस्ट्री के अनुसार अमेरिका ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बमों को सटीक लक्ष्य की ओर गाइड करने के लिए कबूतरों को ट्रेनिंग देने का प्रयास किया था। इसे ‘प्रोजेक्ट पीजन’ नाम दिया गया था। लेकिन इन पक्षियों का इस्तेमाल कभी जंग के मैदान में नहीं किया गया और 1953 में इस प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया गया।

बायोलैब को रूसी कब्जे से बचा रहा अमेरिका
इससे पहले अमेरिका की विदेश मामलों की अंडर सेक्रेटरी विक्‍टोरिया नूलैंड ने खुलासा किया था कि वॉशिंगटन यूक्रेन के साथ मिलकर बॉयोलॉजिकल शोध केंद्रों को रूस के हाथों में पड़ने से रोकने के लिए काम कर रहा है। उनके इस खुलासे से बवाल मच गया था और रूस ने अमेरिका पर यूक्रेन में जैविक हथियारों के निर्माण के आरोप लगाए थे। अमेरिका में रूसी राजदूत अनातोली एंटोनोव ने कहा कि अमेरिका यूक्रेन में जैविक हथियारों के नियमों के उल्लंघन के तथ्यों की पुष्टि से चिंतित है।

साइबेरिया की रिसर्च लैब को शस्त्रागार बना चुके हैं पुतिन?
इस बीच चीन के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका से यूक्रेन में पेंटागन की कथित जैविक प्रयोगशालाओं (बायोलॉजिकल लेबोरेटरी) के बारे में जल्द से जल्द जानकारी का खुलासा करने का आह्वान किया है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने आगाह किया है कि रूस यूक्रेन में रासायनिक या जैविक हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है। अमेरिका ने दावा किया है कि साइबेरिया में सोवियत काल की एक रिसर्च लैब मौजूद है जिसे पुतिन ने अपने रासायनिक हथियारों के शस्त्रागार में बदल दिया है।

यह दुनिया की 59 अधिकतम सुरक्षा वाली बायोलैब में से एक है। इन लैबों में चीन का वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भी शामिल है। पुतिन पर अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी एलेक्सी नवलनी और रूसी के पूर्व खुफिया अधिकारी सर्गेई स्क्रिपल पर रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के आरोप भी लगते रहे हैं।

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